अपने किचन में रखे प्‍याज से इन बीमारियों को करें दूर, जानें कैसे करें इसका प्रयोग

आयुर्वेद के अनुसार प्याज मीठा, कटु, भारी, तीखा, पचने पर मधुर होता है । प्याज के प्रशंसक इसे 80 रोगो को दूर करने वाला, शारीरिक शक्ति में वृद्धि करने वाला हुए अत्यंत लाभप्रद बताते है। प्याज में विटामिन बी, विटामिन सी ,कैल्शियम, फ़ास्फ़रोस होता है। इसमें एक विशेष प्रकार की गंध होती है जो शरीर को हानि पहुंचाने वाले कीटाणुओं को नष्ट कर देती है।

प्याज का उपयोग कर निम्न रोगो से मुक्ति पाई जा सकती है:-

खून की कमी: कच्ची प्याज को नींबू और स्वादानुसार नमक के साथ लेने से लाभ होता है।

काले दाग: प्याज का रस नियमित रूप से मलने से लाभ होता है।

पथरी: प्रातः खाली पेट 50 ग्राम प्याज के रस में मिश्री मिलाकर पीने से पथरी कुछ सप्ताह में कट-कटकर निकल जाती है।

ह्रदय रोग: प्याज खून में प्लेटलेट्स को एक-दूसरे से चिपकने से रोकता है, ताकि खून के थक्के न जमें और हार्ट अटैक की आशंका भी कम हो जाए। इसके अलावा, प्याज उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है।

आँखों के रोग: प्याज के रस में दुगना शुद्ध गुलाब जल मिलाकर नियमित रूप से आँखों में डालते रहने से आँखों के ज्यादातर सभी रोग ठीक हो जाते है।

पेट के कीड़े: प्याज का रस दो चम्मच सुबह बिना कुछ पिए लेने से पेट के कीड़े मर जाते है। भोजन में कच्ची प्याज लेने से जल्दी आराम होता है।

पीलिया: प्याज को काटकर नींबू के रस या सिरके के साथ नमक -कालीमिर्च मिलाकर दिन में दो बार लें। इससे दो तीन सप्ताह में पीलिया दूर हो जाता है।

बुखार व खांसी:अगर आपको कभी बुखार होता है, तो आप प्याज को घरेलू उपचार के तौर पर प्रयोग कर सकते हैं। इसे खाने से बुखार से काफी हद तक राहत मिल सकती है । इतना ही नहीं, कुछ लोगों को नाक से खून बहने की समस्या होती है, उनके लिए प्याज का धुआं फायदेमंद हो सकता है। वहीं, खांसी होने पर शहद में प्याज के रस को मिलाकर सेवन करने से आराम मिलता है।