Flaxseeds : अपने रोज़मर्रा के आहार में शामिल करे इसे , इन गंभीर बिमारियों से पाए छुटकारा

flaxseed

आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास इतना भी समय नहीं है कि वह अपनी सेहत का ख्याल रख सके। इसकी वजह से कई बीमारियां आपको घेर लेती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने आहार में किसी ऐसी चीज को शामिल करें, जिससे आपको सभी तरह के पोषण मिल सकें और आप बीमारियों से बच सकें। अलसी इन्हीं में से एक है। अलसी भले ही दिखने में छोटी होती है, लेकिन इसके बीज के फायदे अनेक हैं। अलसी के औषधीय गुण बीमारियों पर रामबाण की तरह काम करते हैं। आज हम आपको अलसी के फायदे बता रहे हैं।

इससे पहले कि हम आपको अलसी के फायदे बताएं, आप यह जान लें कि अलसी होती क्या है। अलसी छोटे भूरे रंग के बीज होते हैं, जिनका स्वाद नट्स जैसा होता है। इन बीजों को फ्लेक्स पौधे से प्राप्त किया जाता है।

अलसी में कई गुणों का खजाना छिपा है। यह हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाकर स्वस्थ रखने में मदद करती है। शाकाहारी लोगों के लिए अलसी वरदान है, क्योंकि मछली में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड अलसी में मौजूद होता है। साथ ही इसमें लिगनेंस एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर व अल्फा लिनोलिक एसिड भी मौजूद होता है जो आपके शरीर में होने वाली तरह-तरह की बीमारियां जैसे – वजन कम करने में सहायक, दिल की बीमारी और अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं को कम करते हैं। अलसी के औषधीय गुण मनुष्य के लिए किसी अमृत से कम नहीं हैं।


अलसी के फायदे


वजन कम करने में सहायक

अलसी के बीज से मोटापा कम होता है। अलसी में डाइटरी फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस वजह से अलसी खाने पर जल्दी भूख नहीं लगती। अलसी का फाइबर पेट के लिए लाभदायक बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है जिससे मेटाबोलिज्म की दर तेज होती है, इससे ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। यह फाइबर मल का निकास भी आसान करता है, जिससे कब्ज नहीं होता।

हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है

आज कल की तनाव भरी ज़िन्दगी में ज्यादातर व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर होने से दिल के दौरे का या ब्रेन हैमरेज होने के अलावा अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, आप रोज जितनी जरूरत हो सके उतना व्यायाम करें और खानपान का ध्यान रखें। अलसी में लिनोलिक एसिड, लिगनेन व फाइबर होते हैं, जो कुछ हद तक हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं ।

बालों के लिए बहुत उपयोगी

जैसा कि आप जानते हैं अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये फैटी एसिड्स बालों की अच्छी बढ़त के लिए जरुरी है। इसका सेवन बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक को पोषण देता है। इससे बाल लम्बे और मजबूत होते हैं इसलिए कम टूटते-झड़ते हैं। नए निकलने वाले बाल भी स्वस्थ और सुंदर होते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स सर की स्किन को भी सूखने से बचाते हैं, जिससे डैंड्रफ यानि रूसी की समस्या भी नहीं होती।

मधुमेह के लिए

इन दिनों हर कोई व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है। मधुमेह में अगर अलसी का सेवन किया जाए, तो ब्लड शुगर का स्तर कुछ प्रतिशत तक कम हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें म्यूसिलेज होता है, जो एक प्रकार का फाइबर होता है। यह पाचन को नियंत्रित कर खून में ग्लूकोज कम करता है। इसके अलावा, कुछ वैज्ञानिक के अध्ययनों से यह भी पता चला है कि फ्लैक्स सीड्स में एसडीजी नामक एक यौगिक होता है, जो टाइप-1 मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है और टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका को कम कर सकता है।

कोलेस्ट्रॉल को करता है कम

अलसी शरीर के हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम करता है। आप हर रोज छोटे चम्मच से एक या दो चम्मच अलसी के पाउडर का सेवन करें। इससे आपका कोलेस्ट्रॉल काफी हद तक कम होगा और आपको एनर्जी भी मिलेगी, क्योंकि अलसी में फाइबर और ओमेगा-3 होता है, जो आपको ऊर्जा देगा।

दिल के लिए फायदेमंद

शरीर को स्वस्थ रखना है तो दिल को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। तनाव, गलत खानपान और कई अन्य कारणों से हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आप अलसी के बीज का सेवन शुरू करें तो दिल की बीमारी का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है। अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है जो दिल के बीमारी का खतरा कम करता है। यह धमनियों के काम को सुधारता है।


अलसी का सेवन कैसे करें

  •  अलसी के साबुत बीज कई बार हमारे शरीर से बिना पचे निकल जाते हैं। इसलिए इन्हें पीसकर ही इस्तेमाल करना चाहिए। 20 ग्राम (1 टेबलस्पून) अलसी पाउडर को सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी के साथ लेने से शुरुआत करें।
  •  आप इसे फल या सब्जियों के ताजे जूस, दही-छाछ में मिला सकते हैं या अपने भोजन में ऊपर से डालकर भी खा सकते हैं। इसे रोटी, पराठे, दलिया बनाते समय भी मिलाया जा सकता है।
  •  अलसी के बीज को हल्का भून कर खाएं या सलाद या दही में मिलाकर खाएं। चाहे तो जूस में मिलाकर पियें। यह जूस के स्वाद को बिना बदले उसकी पोषकता को कई गुना बढ़ा देगा।