इन अच्‍छी आदतों को अपना डाला, तो डायबिटीज से मिलेगा छुटकारा

Diabetes

डायबिटीज हर तीन से एक व्‍यक्ति इसका शिकार है। डयबिटीज एक क्रॉनिक, मेटाबॉलिक विकार है जो रक्‍त शर्करा के ऊंचे स्‍तर को दर्शाता है। यह हदय, रक्‍त वाहिकाओं, आंखों, गुर्दे और नसों को नुकसान पहुंचाता है। आपको बता दें कि सबसे अधिक मरीज टाइप 2 डायबिटीज की समस्‍या से जूझ रहे हैं। इसमें शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता और शरीर शि‍थिल होने लगता है। डायबिटीज एक ऐसी समस्‍या है जो जिंदगीभर शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है लेकिन अच्‍छी और हेल्‍दी आदतों के चलते इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

एक्‍सरसाइज है बेहद जरूरी

जिन लोगों को डायबिटीज है उन्‍हें नियमित रुप से एक्‍सरसाइज करना चाहिए। आपको प्रतिदिन 10,000 कदम पैदल चलना है, जिम जाएं या किसी स्‍पोर्ट्स को दिनचर्या में शामिल करें। अपना टारगेट सेट करें कि किसी भी परिस्थिति में 30 मिनट वर्कआउट करें। एक्‍सरसाइज रक्‍त शर्करा को नीचे लाने में मदद करती है। यह आपके तनाव और वजन को भी कंट्रोल करता है।

सिगरेट और शराब से रहें दूर

यदि आप धूम्रपान और शराब का सेवन करते हैं तो संभल जाएं। इन चीजों के सेवन से आपको ह्दय रोग, नेत्ररोग, स्‍ट्रोक, गुर्दे की बीमारी, रक्‍त वाहिका रोग, तंत्रिका क्षति और पैर की समस्‍याओं जैसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने की संभावना है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन का कहना है कि शराब पीने वाली महिलाओं को दिन में एक से अधिक पैग नहीं पीना चाहिए और पुरुषों को दो से अधिक पैग नहीं लेना चाहिए।

लें स्‍वस्‍थ आहार

डायबिटीज में व्‍यक्ति को अपने खानपान का विशेष ध्‍यान देना चाहिए। शरीर की जरत के अनुसार खाने का सेवन करना चाहिए। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सब्जियां, फल, साबुत अनाज, नॉनफैटी डयरी फूड और लीन मीट चुनाव करें। कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें क्‍योंकि यह चीनी में परिवर्तित हो जाती है। यदि कोई डायबिटिक व्‍यक्ति इंसुलिन का प्रयोग करता है तो उसे विशेष रूप से अपने खाने पर ध्‍यान देना चाहिए।

तनाव को कम करें चेकअप कराएं

आपको बता दें कि तनाव में रहने से भी शरीर में शर्करा का स्‍तर बढ़ जाता है। तनाव के दौरान व्‍यक्ति की लाइफस्‍टाइल पूरी तरह से बदल जाती है। तनाव से दूर रहने के लिए जरूरी है कि योग करें, खुश रहें और परिवार के साथ क्‍वालिटी टाइम बिताएं। हर महीने कोलेस्‍ट्रॉल, रक्‍तचाप, डायबिटीज का चेकअप कराएं। साथ ही किसी गहरी चोट या घाव का नियमित रूप से इलाज कराएं।