गठिया को करें जड़ से समाप्‍त,अपनाएं यह देशी इलाज


बदलती और व्‍यस्‍त लाइफस्‍टाइल के चलते हमारे शरीर को कई ऐसे रोग घेर लेते हैं जिसे न चाहते हुए भी हमें जिंदगीभर बोझ की तरह ढोना पड़ता है। उनमें से एक है गठिया। गठिया जिसे जोड़ों का दर्द या अर्थराइटिस भी कहा जाता है। यह शरीर के किसी भी हिस्‍से को अपना शिकार बना सकता है। यह मुख्‍य रूप से हड्डियों के ज्‍वांइट्स में होता है। इसमें रोगी शरीर में सूजन या अकड़न का अनुभव करता है। इसके कई लक्षण और कारण हो सकते हैं।
यह एक ऐसा रोग है जिसमें अंग्रेजी दवाइंयों के बजाय देशी घरेलू उपचार ज्‍यादा फायदेमंद होते हैं। अंग्रेजी दवाईयां रोगी को दर्द में तुरंत तो फायदा दे सकती हैं लेकिन रोग को पूरी तरह से खत्‍म नहीं करती। वहीं अधिक दवाईयों के सेवन से शरीर में कई अन्‍य साइड इफेक्‍ट होने लगते हैं।
वैसे तो गठिया के कई लक्षण है जैसे उंगलियों एवं कलाई में दर्द, सूजन या अकड़न। कंधों में हमेशा दर्द का अनुभव करना। जिन लोगों को घुटने में गठिया होता है उन्‍हें उठने-बैठने में दिक्‍कत और अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है। खड़े रहने में पैरों के पंजों में दर्द और सूजन की समस्‍या होने लगती है। कई बार एक से अधिक ज्‍वाइंट्स में महसूस होने लता है।

आपको बता दें कि गठिया के कई हो सकते हैं लेकिन वैज्ञानिक कारण शरीर में यूरिक एसिड का जरूरत से ज्‍यादा जमा होना है। यूरिक एसिड जो एक विषैला पदार्थ होता है। यह कई प्रकार के भोजन से प्राप्‍त होता है। जब शरीर में किडनी ठीक प्रकार से काम करती है तो वह इस विषैले पदा‍र्थ को यूरिन के जरिए बाहर निकाल देती है लेकिन यदि किडनी में किसी प्रकार की समस्‍या आती है जो यह एसिड हड्डियों के जोड़ों में जमा होने लगता है। इसके अलावा गठिया अनुवांशिक भी होता है। परिवार में यदि किसी सदस्‍य को यह बीमारी है तो संभवत: आपको भी हो सकती है।

गठिया के लिए देशी या घरेलू उपचार

  • शरीर के जिस भाग में दर्द हो उस स्‍थान पर आयुर्वेदिक तेल से मसाज करना लाभप्रद होता है।
  • गठिया में अधिक तैलीय भोजन से परहेज करना चाहिए। जहां तक हो सके जंक फूड से दूर रहना चाहिए।
  • आपको बता दें कि आपकी रसोई में कई ऐसे पदार्थ हैं जिससे यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है। जैसे अजवाइन यूरिक एसिड को कम करने का प्रभावी तरीका है। सुबह और रात के समय गुनगुने पानी से भुनी हुई अजवाइन का सेवन करना चाहिए।
  • इसके साथ ही दिन में एक बार अदरक के पानी का सेवन लाभप्रद होता है।
  • मेथी भी गठिया में मददगार होती है। इसके लिए मेथी को पीसकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को सुबह खाली पेट 1 चम्‍मच गुनगुने पानी के साथ लें।
  • खाली पेट नीबू मिला गुनगुना पानी पीना भी लाभप्रद होता है।
  • यदि आप आयुर्वेदिक उपचार को पसंद करते हैं तो अश्‍वगंधा, शतावरी और आमलकी को मिलाकर चूर्ण बना लें और सुबह खाली पेट एक चम्‍मच गुनगुने पानी के साथ लें। नियमित रूप से इसका सेवन करने से दर्द में काफी राहत मिलती है।
  • सबसे जरूरी है कि आप एक्‍सरसाइज करें। शरीर को वजन करें। पैरों पर अधिक वजन होना भी गठिया को बढ़ावा देता है।