जड़ से खत्‍म हो जाएगा थॉयराइड, अपने खानपान में शामिल करें इन्‍हें

Thyroid

इनदिनों थॉयराइड एक आम समस्‍या के रूप उभर कर आ रही है। आपको बता दें कि तीन में से एक व्‍यक्ति इस समस्‍या से पीडि़त हैैं। इसे कंट्रोल करने के लिए निरंतर दवाओं का सेवन करना आवश्‍यक है। थॉयराइड का बढ़ना लोगों में मोटापे, थकान, पीठ दर्द जैसी समस्‍याओं का कारण बनता है। दवाओं के अलावा इस रोग से पीडित व्‍यक्ति कुछ प्राकृतिक तरीका भी अपनाकर बीमारी को जड़ से खत्‍म कर सकते हैं। बस इसके लिए आपको अपनी डाइट में कुछ बदलाव करने होंगे। साथ ही उन चीजों को शामिल करना होगा जो इस समस्‍या से निजात दिला सकती है।

फ्लेक्‍स सीड का सेवन

फ्लेक्‍स सीड यानी अलसी जो कई रोगों का रामबाढ़ इलाज है। अलसी में लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है जो नस सिर्फ इस समस्‍या से निजात दिलाने में मदद करता है बल्कि थॉयराइड की वजह से आई गले की सूजन को भी दूर करने का काम करता है। आपको बता दें कि अलसी का सेवन असंतुलित हार्मोन्‍स के संतुलन को ठीक करने का काम करता है। इसके लिए आपको प्रतिदिन एक चम्‍मच अलसी के पाउडर को 1 गिलास दूध या फिर फलों के रस मे मिलाना है और दिन में 1 से 2 बार पीना है।

एलोवेरा यानी ग्‍वारपाठा

एलोवेरा एक प्राकृतिक औषधि है जिसमें 8 प्रकार के एमिनो एसिड और 12 विटामिंस पाए जाते हैं। यह रोगी के शरीर में जाकर थॉयराइड ग्रंथि को डिटॉक्‍स कर बाहर निकालने का काम करता है। इसका जूस प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीना चाहिए। यह थायराइड को कंट्रोल करने के साथ ही अन्‍य त्‍वचा और पेट संबंधी समस्‍याओं से छुटकारा दिलाता है।

प्राकृतिक है मुलेठी

मुलेठी का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह थॉयराइड की समस्‍या से भी निजात दिलाती है। मुलेठी थॉयराइड ग्रंथि से हार्मोन्‍स के रिसाव को बढ़ाती है और शरीर में हार्मोन्‍स के संतुलन को ठीक रखने में मदद करती है। इसके साथ ही मुलेठी के सेवन से लिवर भी फिट रहता है। मुलेठी से गले में खराश, खांसी और आवाज संबंधी समस्‍याएं भी ठीक की जा सकती हैं।

छोटा सा धनिया बड़े काम का

हरा धनिया देखने में जितना मामूली लगता है उतनी ही असरदार औषधी है। इसे आप किसी भी तरह से ले सकते हैं। धनिए को पीसकर 1 गिलास पानी में घोलकर सेवन कर सकते हैं या फिर इसकी चटनी बनाकर प्रयोग में लें। सब्जियों में डालकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।