जानिए किस देवता को कौन सा प्रसाद चढ़ाकर किया जा सकता है खुश

deveta prasad

भारत में हर देवता को कोई विशेष और खास प्रसाद पसंद होता है। आज हम आपको यहां भारतीय देवी-देवताओं को चढ़ने वाले खास प्रसाद के बारे में बताने जा रहे हैं। उम्‍मीद है कि आपको यह जानकारी दिलचस्‍प लगेगी।

श्री गणेश

गणेश जी को मोदक या लड्डू अच्‍छा लगता है। इसके अलावा उन्‍हें बूंदी के लड्डू भी अर्पित कर सकते हैं। गणपति जी को गन्‍ने की गडेरी, जामुन, सूखी गरी और गुड़ बहुत ही प्रिय है।

श्री राम भोग

भगवान श्रीराम को केसर युक्‍त खीर और पूरे घर के भोजन के साथ कलाकंद बहुत प्रिय है।

श्री विष्‍णु भोग

विष्‍णु जी को किशमिश का भोग लगाना चाहिए। साथ ही आंवले का भोग लगाना अतिशुभ होता है। खीर में सूखे मेवे डालने चाहिए और अंत में तुलसी जरूर डालें। उसे उत्‍तम प्रकार से बनाएं और फ‍िर विष्‍णुजी को भोग लगाने के बाद वितरित करें।

श्री शिव भोग

शिवजी को भांग और दूध, दही, शहद, गंगा जल, घी को मिलाकर बना पंचामृत बहुत पसंद है। श्रावण मास में शिवजी का उपवास रखकर उनको गुड़, चना और चिरौंजी के अलावा दूध अर्पित करने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।

श्री हनुमान भोग

हनुमान जी को हलुआ, लाल व ताजे फल, गुड़ से बने लड्डू, गुड़ धनिया और तुलसी दल अर्पित करें। शुद्ध घी से बने बेसन के लड्डू भी हनुमान जी को खूब पसंद हैं। इस भोग से वह तुरंत ही प्रसन्‍न हो जाते हैं।

श्री लक्ष्‍मी भोग

लक्ष्‍मी जी को धन की देवी माना जाता है। कहते हैं कि अर्थ के बिना सब व्‍यर्थ है। लक्ष्‍मीजी को प्रसन्‍न करने के लिए उनके प्रिय भोग को लक्ष्‍मी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए। लक्ष्‍मीजी को सफेद और पीले रंग के मिष्‍ठान बहुत प्रिय हैं।

श्री दुर्गा भोग

मां दुर्गा को शक्ति की देवी माना जाता है। दुर्गाजी को खीर, मालपुआ, मीठा हलुआ, केले, नारियल, धान का लावा और मिष्‍ठान बहुत पसंद हैं। यदि आप माता के भक्‍त हैं तो बुधवार और शुक्रवार को पवित्र रहकर मातजी के मंदिर में जाएं और उन्‍हें ये भोग चढ़ाएं, आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी।

श्री सरस्‍वती भोग

माता सरस्‍वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्‍शन, सफेद तिल के लड्डू और धान का लावा खूब पसंद है। सरस्‍वती जी को यह किसी भी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए।

श्रीकृष्‍ण भोग

भगवान श्रीकृष्‍ण को माखन और मिश्री का भोग अत्‍यंत प्रिय है।

श्री काली और भैरव भोग

मां काली और भगवाल भैरवनाथ को लगभग एक जैसा ही भोग लगता है। हलुओ, पूड़ी और मदिरा उनके प्रिय भोग हैं। किसी अमावस्‍या के दिन काली या भैरव मंदिर में जाकर उनकी प्रिय वस्‍तुएं अर्पित करें। इसके अलावा इमरती, जलेबी और 5 तरी की मिठाइयां भी अर्पित की जाती हैं।