भगवान जगन्‍नाथ की है अकूत संपत्ति, 35 हजार एकड़ जमीन बेच रही है सरकार

Lord Jagannath temple puri

पुरी के जगन्‍नाथ मंदिर (Lord Jagannath) के पास इतनी संपत्ति है, जितनी आपने कभी सोची भी न होगी। जगन्‍नाथ मंदिर को देश के सबसे अमीर मंदिरों की सूची में शामिल किया जाता है। भगवान जगन्‍नाथ के पास 60,426 एकड़ जमीन है। इतना ही नहीं मंदिर के भंडार में 150 किलोग्राम स्‍वर्ण अभूषण, बहुमूल्‍य रत्‍न और चांदी के आभूषण भी हैं। मंदिर ने येस बैंक में भगवान के नाम पर 545 करोड़ रुपये भी जमा कर रखे हैं।

सरकार बेच रही है जमीन

ओडिशा की सरकार ने जगन्‍नाथ मंदिर की 35,000 एकड़ जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। ओडिशा के

कानून मंत्री प्रताप जेना ने विधानसभा में बताया कि भगवान जगन्‍नाथ के नाम पर ओडिशा के 24 जिलों में जमीन है। उन्‍होंने बताया कि ओडिशा के अलावा अन्‍य छह राज्‍यों में भी 395.252 एकड़ जमीन भगवान जगन्‍नाथ के नाम पर पंजीकृत है। जेना ने बताया कि ओडिशा के 24 जिलों में भगवान जगन्‍नाथ के नाम पर कुल 60,426 एकड़ जमीन दर्ज है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, बिहार, आंध्र प्रदेश और महाराष्‍ट्र में भी 395 एकड़ जमीन है, जो दान के रूप में प्राप्‍त हुई है।

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अतिक्रमण समाप्‍त कर दोबारा लिया कब्‍जा

जेना ने विधानसभा में बताया कि भगवान जगन्‍नाथ के नाम पर जिस जिले में जमीन है, वहां के कलेक्‍टर से बातचीत कर बिक्री की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने अतिक्रमण से मुक्‍त करवाकर 34,876.983 एकड़ जमीन को दोबारा अपने कब्‍जे में लिया है। सरकार द्वारा स्‍वीकृत नीति के अंतर्गत इस जमीन को बेचने की योजना बनाई गई है। पूर्व राज्‍यपाल बीडी शर्मा की अध्‍यक्षता में गठित समिति के सुझाव एवं जगन्‍नाथ मंदिर प्रबंधन समिति की स्‍वीकृति के आधार पर मंदिर की जमीन को बेचने के लिए राज्‍य सरकार द्वारा उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

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सरकार ने तय की इतनी कीमत

जेना के मुताबिक जगन्‍नाथ मंदिर की 315.337 एकड़ जमीन को अभी तक बेचा जा चुका है और इस बिक्री से प्राप्‍त 11,20,77,000 रुपये मंदिर फंड में जमा कर दिए गए हैं। राज्‍य सरकार ने अतिक्रमण वाली जमीन को बेचने के लिए तीन वर्ग तैयार किए हैं। इसके मुताबिक जो लोग मंदिर की जमीन पर 30 साल से अधिक समय से कब्‍जा जमाए हुए हैं, वे छह लाख रुपये प्रति एकड़ देकर इसे खरीद सकते हैं। वहीं जो लोग 20 साल से मंदिर की जमीन पर रह रहे हैं, उन्‍हें जमीन खरीदने के लिए 9 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से भुगतान करना होगा। 12 साल पुराने अतिक्रमणकारियों को जमीन खरीदने के लिए 15 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से भुगतान करना होगा।

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