Kumbh Mela 2021: हरिद्वार में शुरू हुआ कुंभ मेला, ये हैं शाही स्नान की तिथियां

Kumbh mela 2021 in Haridwar

इस शदी का दूसरा कुंभ मेला (Kumbh Mela 2021) शुक्रवार यानी एक जनवरी, 2021 से शुरू हो गया है। इस बार ग्रहों की चाल के कारण कुंभ मेला 12 साल में नहीं बल्कि 11वें साल में पड़ रहा है। इस बार कुंभ मेले की खास बात यह है कि इस साल कोरोना के कारण कुंभ मेला 120 दिन न होकर केवल 48 दिनों का ही होगा। इस कुंभ में 13 अखाड़े के साधु-संन्‍यासी भारी संख्‍या में एकत्रित होते है।

बृहस्पति और सूर्य के संयोग से बने कुंभ पर कुल चार शाही स्नान (Shahi Snan) होंगे। कुंभ की शुरुआत की कोई आधिकारिक

तिथि तो घोषित नहीं की गई है, लेकिन मकर संक्रांति से महाकुंभ में स्नान शुरू होंगे।

कुंभ में पहला शाही स्नान 11 मार्च शिवरात्रि के दिन, दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या और तीसरा मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल मेष संक्रांति को होगा। इन तीनों स्नानों पर सभी 13 अखाड़े जमात निकालकर स्नान करने हर की पैड़ी जाएंगे। चौथा शाही स्नान बैसाख पूर्णिमा के दिन 27 अप्रैल को पड़ेगा, लेकिन उस स्नान पर केवल बैरागियों की तीन आणियां स्नान करेंगी। इस स्नान में संन्यासी अखाड़े भाग नहीं लेते हैं।

संतों के मुताबिक महाकुंभ का आयोजन बृहस्पति के कुंभ राशि और सूर्य के मेष राशि में आने पर होता है। सूर्य प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को मेष राशि में जबकि बृहस्पति प्रत्येक बारह वर्ष बाद कुंभ राशि में आते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार मान्‍यता है कि किसी भी कुंभ मेले में पवित्र नदी में स्‍नान या तीन डुबकी लगाने से सभी पुराने पाप धुल जाते हैं और मनुष्‍य को जन्म-पुनर्जन्म तथा मृत्यु-मोक्ष की प्राप्‍ति होती है।

कुंभ मेला आने वाले लोगों को पहले पंजीकरण करना होगा। इसके साथ ही जो लोग ट्रेन या बस से आ रहे हैं उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग से होकर गुजरना होगा। वहीं तट में जूते पहनकर आने की मनाही लगाई गई है। जो व्यक्ति मास्क लगाए होगा उसे ही कुंभ स्नान जाने की अनुमति मिलेगी।

कुंभ मेला 2021 की शाही स्नान की तारीख

  • पहला शाही स्नान- 11 मार्च शिवरात्रि
  • दूसरा शाही स्नान – 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या
  • तीसरा मुख्य शाही स्नान- 14 अप्रैल मेष संक्रांति
  • चौथा शाही स्नान- 27 अप्रैल बैसाख पूर्णिमा