शनिदेव को प्रसन्‍न करने के लिए लगाएं ये पौधा, दूर होंगी सारी बाधाएं

हिन्दू धर्म की मान्‍यताओं के अनुसार शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। शनि देव के बारे में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है कि ये ऐसे ग्रह देवता हैं जो अगर प्रसन्‍न हो जाएं तो रंक भी राजा बन जाए और जिस पर इनकी कुदृष्टि पड़ जाये वह धन्‍ना सेठ भी भिखारी बन जाए। पौराणिक कथाओं के अनुसार पूर्वजन्म के कर्मों के फल हमें अगले जन्म में भुगतने पड़ते हैं। शनिदेव न्‍याय के देवता हैं और वह कर्मों का फल अवश्‍य देते हैं।

यह तो आप सभी जानते ही हैं कि पीपल के पेड़ का पूजन और उसे जल अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। लेकिन एक पौधा ऐसा भी है जिसे घर में लगाने और उसकी पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

तो आइये जानते हैं इस पौधे के बारे में जिसे लगाने से शनिदेव प्रसन्‍न होते हैं।

  • आयुर्वेद में शमी को अत्यंत गुणकारी औषधि माना गया है। वैसे तो शमी में कई देवी-देवताओं का निवास होता है, लेकिन इसे भगवान शिव और गणेश का प्रिय माना जाता है। गणेश जी और शनिदेव दोनों को ही शमी का पौधा बहुत प्रिय है।
  • शमी के पौधे की पूजा करने से शनि देव और भगवान गणेश दोनों की ही आप कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इस पौधे में भगवान शिव का वास होता हैं, जो गणेश जी के पिता और शनिदेव के गुरू हैं।
  • अगर आप पर शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही है या फिर आप शनि देव को प्रसन्न करने के लिए ये आसान से उपाय कर सकते हैं…
    शमी के पौधे की जड़ को काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण कर लीजिए। ऐसा करने से शनिदेव से जुड़ी जीवन में जितनी भी परेशानियां हैं, उनका शीघ्र ही निवारण होगा।
  • शमी के पंचांग यानी फूल, पत्ते, जड़ें, टहनियां और रस का इस्तेमाल कर शनि संबंधी दोषों से जल्द ही छुटकारा पाया जा सकता है।
  • आपको नियमित रूप से शमी के पौधे की पूजा करनी चाहिए। अगर इसके नीचे सरसों तेल का दीपक जलाते हैं तो शनि दोष के कुप्रभाव से बचाव होता है।
  • शुभ फल की प्राप्ति के लिए रोज रात को शमी की टहनी को जलाकर मुख्य द्वार के सामने रखने से कष्ट दूर होते हैं। शमी के कांटों का प्रयोग तंत्र-मंत्र बाधा और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए होता है।
  • शमी का वृक्ष घर के ईशान कोण यानी पूर्वोत्तर दिशा में लगाना लाभकारी माना गया है। शमी के पेड़ से घर के वास्तु दोष को भी दूर होते हैं।