2021 में इन राशियों पर होगा शनि की साढ़ेसाती और ढैया का असर, बचने के लिए करें ये उपाय

shani sadesati and dhaiya will be effect on these zodiac signs in 2021

पुराणों में भगवान शनि को न्याय का देवता माना गया है। संसार में प्रत्‍येक व्यक्ति को शनि भगवान के न्याय चक्र का सामना करना ही पड़ता है। ऐसे में शनि की महादशा, शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैया जिन लोगों पर रहती है उन्हें काफी सावधान रहना पड़ता है।

शनि की साढ़ेसाती (Shani SadeSati), भारतीय ज्योतिष के अनुसार नवग्रहों में से एक ग्रह, शनि की साढ़े सात वर्ष चलने वाली एक प्रकार की ग्रह दशा होती है। ज्योतिष एवं खगोलशास्त्र के नियमानुसार सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते रहते हैं। इस प्रकार जब शनि ग्रह

लग्न से बारहवीं राशि में प्रवेश करता है तो उस विशेष राशि से अगली दो राशि में गुजरते हुए अपना समय चक्र पूरा करता है। शनि की मंथर गति से चलने के कारण ये ग्रह एक राशि में लगभग ढाई वर्ष यात्रा करता है, इस प्रकार एक वर्तमान के पहले एक पिछले तथा एक अगले ग्रह पर प्रभाव डालते हुए ये तीन गुना, अर्थात साढ़े सात वर्ष की अवधि का काल साढ़े सात वर्ष का होता है।

ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं साल 2021 में किस राशि के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। आपको बता दें कि साल 2021 में शनि मकर राशि में ही रहेगे, शनिदेव मकर राशि में 18 जनवरी 2023 तक स्वगृही रहेंगे। इस बीच 30 अप्रैल 2022 से 9 जुलाई 2022 तक कुम्भ राशि में गोचर करेंगे।

शनि की साढ़ेसाती

शनि के साढ़ेसाती का प्रभाव तीन राशियों धनु,मकर और कुंभ राशि पर देखने को मिलेगा। इसके लिए मंगलवार और शनिवार को शनि के उपाय करें।

शनि की ढैया

मिथुन और तुला राशि के लोगों पर शनि की ढैया मानी जा रही है। माना जाता है कि साढ़ेसाती और ढैया का फल सभी जातकों पर एक जैसा नहीं होता है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए शनि के मंत्रों का जाप करना चाहिए।

शनि देव की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

  • शनि देव की पूजा शनि की मूर्ति के समक्ष न करें
  • शनि के उसी मंदिर में पूजा आराधना करनी चाहिए जहां वह शिला के रूप में हों
  • प्रतीक रूप में शमी के या पीपल के वृक्ष की आराधना करनी चाहिए
  • शनि देव के समक्ष दीपक जलाना सर्वश्रेष्ठ है, परन्तु तेल उड़ेल कर बर्बाद नहीं करना चाहिए
  • जो लोग भी शनि देव की पूजा करना चाहते हैं, उनको अपना आचरण और व्यवहार अच्छा रखना चाहिए