मिलेगा प्यार, पैसा और तरक्की, भगवान शिव की ऐसे कीजिए पूजा

अपने भक्‍तों से सबसे जल्‍दी प्रसन्‍न होने वाले देवता शिव आपकी जिंदगी की हर तरह की परेशानियों को समाप्‍त कर सकते हैं। त्रिदेवों में से एक महादेव व्‍यक्ति की चेतना के अंतर्यामी हैं। शिव की पूजा शिवलिंग और मूर्ति दोनों के रूप में की जाती है। संहार के देवता शिव अपनी सौम्‍य तथा विनाशकारी- दोनों रूपों के लिए विख्‍यात हैं। खास तरह से अगर भगवान शिव की पूजा की जाए तो आपको न केवल मनचाहा प्‍यार मिलेगा बल्कि अपार धन के साथ-साथ नौकरी में तरक्‍की भी मिलेगा। आइए जानते हैं कि अलग-अलग उद्देश्‍यों के लिए शिव की पूजा कैसे की जाती है।

भगवान शिव के प्रिय दिन सोमवार को करें ये उपाय

सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन है। अपने उद्देश्‍यों की प्राप्ति के लिए भगवान शिव के नाम पर सोमवार को उपवास रखना चाहिए। इससे कष्‍टों का निवारण जल्‍द हो जाता है। अगर आप उपवास रखने में असमर्थ हैं तो पूरे मन से भावनाओं के साथ महादेव की पूजा कीजिए, और देखिए आपके सारे कष्‍ट कैसे दूर होते हैं। आज हम आपको शिव के कुछ खास मंत्र भी बताएंगे और पूजा की विशेष विधियां भी।

धन पाने के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं गन्‍ने का रस

अगर आप सोमवार को उपवास रखते हैं तो अति‍ उत्‍तम। नहीं भी रखते हैं सुबह स्‍नान करने के बाद शिवलिंग पर ताजे गन्‍ने का रस चढ़ाएं। ध्‍यान रखें, गन्‍ने का रस चढ़ाने से पहले शिवलिंग का जल से अभिषेक करें और रस चढ़ाने बाद फिर से चल से अभिषेक करें। 11 सोमवार को ऐसा करने के बाद आपको इसका प्रभाव खुद ही पता चल जाएगा। इसके अलावा अगर आप जप कर सकते हैं तो ‘ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः| शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च’ मंत्र का 108 बार जप मंदिर में ही बैठ कर करें।

कैरियर में सफलता के लिए चढ़ाएं दूध

अगर आप अपनी नौकरी में तरक्‍की या प्रमोशन चाहते हैं तो गन्‍ने के रस के साथ-साथ शिवलिंग का दूध से भी अभिषेक करें। प्रक्रिया गन्‍ने के रस वाली ही रहेगी। इसके अलावा, ‘ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः| शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च’ का 108 बार जप करें। मंदिर में ही जप किया जाए तो परिणाम बेहतर होंगे।

प्रेम पाने के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं शहद

शिवलिंग पर शहद चढ़ाने का अलग ही लाभ होता है। इससे न केवल आपका रूप निखरता है और व्‍यक्तित्‍व आकर्षक बनता है बल्कि आपको अपना मनचाहा प्रेम भी मिलता है। इसके साथ ही अगर आप ‘ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो| वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद्’ मंत्र का जप 108 बार करें तो आपको फल की प्राप्ति जल्‍द ही होगी।