रुद्राभिषेक से होगी सभी मनोकामना पूरी, बस करें इन विशेष सामग्री से पूजा  

21 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। इस दिन की गई पूजा आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करती है। शिवरात्रि पर खास रुद्राभिषेक किया जाता है जो कई तरह की परेशानियों से छुटकारा दिलाता है। किसी खास मनोरथ की पूर्ति के लिए तदनुसार पूजन सामग्री तथा विधि से रुद्राभिषेक किया जाता है। सभी रुद्राभिषेक करने के अपने अलग नियम और फायदे हैं।

–    जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है।

–    असाध्‍य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें।

–    भवन-वाहन के लिए दही से रुद्राभिषेक करें।

–    धनवृद्धि के लिए शहद और घी से अभिषेक करें।

–    लक्ष्‍मी प्राप्ति के लिए गन्‍ने के रस से रुद्राभिषेक करें।

–    तीर्थ के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

–    इत्र वाले जल से अभिषेक करने से बीमारी दूर होती है।

–    पुत्र प्राप्ति के लिए दुग्‍ध से और संतान उत्‍पन्‍न होकर मृत पैदा हो तो गोदुग्‍ध से रुद्राभिषेक करें।

–    रुद्राभिषेक से योग्‍य तथा विदृवान संतान की प्राप्ति होती है।

–    ज्‍वर की शांति हेतु शीतलजल/गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।

–    प्रमेह रोग की शांति भी दुगधाभिषेक से हो जाती है।

–    सहस्रनाम मंत्रों का उच्‍चारण करते हुए घृत की धारा से रुद्राभिषेक करने पर वंश का विस्‍तार होता है।

–    शक्‍कर में मिले दूध  से अभिषेककरने पर शत्रु पराजित होता है।

–    पातकों को नष्‍ट करने की कामना होने पर भी शहद से रुद्राभिषेक करें।

–    सरसों के तेल से अभिषेक करने पर यक्ष्‍मा दूर हो जाती है।

–    पुत्र की  कामना वाले व्‍यक्ति शक्‍कर से मिश्रित जल से अभिषेक करें।