दीपक की लौ का सही दिशा में होना है जरूरी, गलत दिशा से होगा नुकसान

deepak flame

हिन्‍दू धर्म में किसी भी शुर्भ कार्य या पूजा में दीपक का बहुत ही ज्‍यादा महत्‍व होता है। सुबह-शाम घर में होने वाली सामान्‍य पूजा में भी दीपक जलाने की परंपरा है। वास्‍तुशास्‍त्र में दीपक जलाने व उसे रखने के संबंध में कई नियम बताए गए हैं। दीपक की लौ की दिशा किस ओर होनी चाहिए, इस संबंध में वास्‍तुशास्‍त्र में पर्याप्‍त जानकारी मिलती है। वास्‍तुशास्‍त्र में यह भी बताया गया है कि दीपक की लौ किस दिशा में होने पर उसका क्‍या असर होता है और क्‍या फल मिलता है।

दीपक की लौ यदि पूर्व दिशा की ओर होती है तो इससे जातक की आयु में वृद्धि होती है। वह रोगों से दूर रहता है और एक स्‍वस्‍थ जीवन व्‍यतीत करता है। दीपक की लौ यदि पश्चिम दिशा की ओर होती है तो इससे घर में दुख व दर्द में वृद्धि होती है। आर्थिक हानि होने से दुख व्‍याप्‍त होता है। संबंधों में खटास आने से भी दुख व दर्द होता है।

दीपक की लौ को उत्‍तर दिशा में रखने से धन का लाभ होता है। हर क्षेत्र में सफलता मिलती है और व्‍यापार व नौकरी में तरक्‍की होती है। दीपक की लौ दक्षिण दिशा में रखने से हानि होती है। यह हानि किसी व्‍यक्ति या धन के रूप में भी हो सकती है।

किसी शुभ कार्य से पहले दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करने से शीघ्र ही सफलता मिलती है:

दीपज्‍योति: परब्रह्म:, दीपज्‍योति: जनार्दन:, दीपोहरतिमे पापं संध्‍यादीपं नमोस्‍तुते…

शुभं करोतु कल्‍याणमारोग्‍यं सुखं सम्‍पदां, शत्रुवृद्धि विनाशं च दीपज्‍योति: नमोस्‍तुति…