माघ पूर्णिमा पर करें गंगा स्‍नान, जानें क्‍या है इसका महत्‍व

magh purnima

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्‍व होता है। माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्‍नान करने, दान और ध्‍यान करने से पुण्‍य फलों की प्राप्ति होती है। जानकारी के लिए बता दें कि साल में 12 पूर्णिमा तिथियां होती हैं जिसमें पूर्ण चंद्रोदय होता है लेकिन माघ महीने की पूर्णिमा का अपना अलग महत्‍व होता है।

माघ महीने की पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों और मुख्‍य रूप से गंगा नदी में स्‍नान करते हैं। इस साल माघ मास की पूर्णिमा 27 फरवरी 2021 यानी

आने वाले शनिवार को है। इस दिन दान पुण्‍य और स्‍नान करने का विशेष महत्‍व है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ उदित होता है।

नदियों में स्‍नान करने का है बहुत महत्‍व

कहा जाता है कि इस दिन पवित्र नदी जैसा गंगा में स्‍नान करने से और दान पुण्‍य करने से मोक्ष की प्राप्‍ति होती है। इसी वजह से पूर्णिमा के दिन काशी, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्‍थानों में स्‍नान करने का विशेष महत्‍व बताया गया है। हिंदू मान्‍यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्‍नान करने वाले लोगों पर भगवान विष्‍णु मुख्‍य रूप से प्रसंन्‍न होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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वैसे तो यह दिन काफी शुभ है चंद्रमा उदया तिथि 27 फरवरी को है इसलिए इस दिन मुख्‍य रूप से पूर्णिमा तिथि मनाई जाएगी और इसी दिन नदियों में स्‍नान करने से पुण्‍य की प्र‍ाप्ति होगी। जो पूर्णिमा व्रत रखकर चंद्रमा को अर्घ्‍य देते हैं उन्‍हें पूर्णिमा व्रत 26 फरवरी 2021 शुक्रवार को ही रखना चाहिए। इसी दिन सत्‍य नारायण की पूजा कथा भी करनी चाहिए। वहीं पूर्णिमा का पुण्‍यकाल का स्‍नान 27 फरवरी को करना चाहिए।

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माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि आरंभ– 26 फरवरी 2021(शुक्रवार) को दोपहर 3 बजकर 49 मिनट से

पूर्णिमा तिथि समाप्‍त– 27 फरवरी 2021(शनिवार) दोपहर 1 बज‍कर 46 मिनट तक