दुर्गा सप्‍तशती का पाठ करने से होंगे मालामाल, नवरात्रि से करें शुरूआत

durga saptashati

नवरात्रि की शुरूआत 25 मार्च से होगी। मान्‍यता है कि शक्ति की देवी मां दुर्गा की नवरात्रि में पूरे 9 दिनों तक पूजा और उपासना की जाती है जो शांति और धनधान्‍य की पूर्ति करती हैं। नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्‍तशती का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही जीवन में आए संकट दूर होते हैं।

आपको बता दें कि दुर्गा सप्‍तशती को एक ग्रंथ माना गया है जो चार वेद की तरह ही अनादि ग्रंथ है। दुर्गा सप्‍तशती में 700 श्‍लोक हैं। यह तीन भाग में विभाजित है। नवरात्रि में पूरे 9 दिनों तक दुर्गा सप्‍तशती का पाठ पूरा करने से गंभीर संकट भी दूर हो जाते हैं। इसका पाठ पूरे नियम के साथ करना चाहिए।

दुर्गा सप्‍तशती का पाठ आरंभ करने से पहले मन शुद्ध कर लें। किसी तरह के विचार मन में नहीं आने चाहिए। चंदन और रोली का तिलक लगाकर पूर्व दिशा में मुख कर बैठना चाहिए। बैठने के बाद चार बार आचमन करें। स्‍थान को शुद्ध करने के बाद पाठ आरंभ करें।

नवरात्रि में कलश की स्‍थापना और व्रत का संकल्‍प लेने के बाद दुर्गा सप्‍तशती का पूजन करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले गणेश पूजन, कलश और नवग्रह पूजन कर अखंड ज्‍योति का भी पूजन करना चाहिए। इसके बाद दुर्गा सप्‍तशती ग्रंथ को लाल रंग के वस्‍त्र में सहेजकर रखें।

दुर्गा सप्‍तशती के पाठ से पहले और बाद में ओं ऐं ह्रीं क्‍लीं चामुण्‍डाए विच्‍चे का पाठ करना चाहिए। दुर्गा सप्‍तशती का पाठ करने से घर में सुख-समृ‍द्धि आती है और घर से नकारात्‍मक ऊर्जा नष्‍ट होती है। पाठ करने के बाद मां दुर्गा से क्षमा जरुर मांगे।