कोविड-19 से बचने के लिए इस ढंग से करें श्राद्ध पूजन, पितृ होंगे खुश

pitru paksha bhojan

पितृ पक्ष शुरू हो चुके हैं। आपको बता दें कि पितृ पक्ष 17 सितंबर तक चलेंगे। इस अवधि में पितरों को तर्पण, पिंड दान और श्राद्ध किया जाता है। भाद्रपद पूर्णिमा से अश्‍विन अमास्‍या तक श्राद्ध पक्ष या पितृ पक्ष होता है। माना जाता है कि अपने पितृ की तिथि के दिन गाय, कौआ, कुत्‍ते को ग्रास देने तथा ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितृ का कर्ज उतरता है लेकिन इस वर्ष कोरोना की वजह से ब्राह्मणों को भोजन कराना संभव नहीं होगा।

जजमानों की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुए कई ब्राह्मणों को इस बार ऑनलाइन आमंत्रित किया जा रहा है। उन्‍हें पूजा और भोजन के बदले भुगतान भी ऑनलाइन ही करना होगा। ब्राह्मण लोगों की सुविधानुसार वायस कॉल और वीडियो कॉल द्वारा पूजा-पाठ और हवन कराएंगे। इस बार दान भी ऑनलाइन दे सकेंगे।

ऑनलाइन के अलावा आप अपने पितरो की आत्‍मा को तृप्‍त करने के लिए किसी गरीब और जरूरतमंद व्‍यक्ति को भी भोजन करा सकते हैं।कुछ सालों से संस्‍कृत कॉलेज के छात्रों को भी श्राद्ध कर्म के लिए आमंत्रित किया जाने लगा है। लेकिन कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन की वजह से सारे हॉस्‍टल खाली करवा लिए गए हैं, किसी भी हॉस्‍टल में इस समय छात्र नहीं हैं।

पुरोहितों की उपस्थिति न होने के कारण इस बार श्राद्ध में भोज किसे कराएं इसके लिए पंतितों से सलाह ली जा रही है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बार वृद्ध आश्रम, कुष्‍ठ आश्रम, अनाथ आश्रम तथा जरूरतमंदों को भोजन करवाकर पितरों की आत्‍मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा सकती है। इससे पितरों को बहुत खुशी होगी।

पुरोहितों की मौजूदगी नहीं होने के कारण भोज किसे करायें उसके लिये भी पंडितों की राय ली जा रही है ।पंडित श्री कांत शमार् कहते हैं कि वृद्ध आश्रम,कुष्ट आश्रम तथा जरूरतमंदों को भोजन करा पितरों की आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की जा सकती है।