लक्ष्‍मी मां को बिल्‍कुल पसंद नहीं हैं ये चीजें, घर से निकाल फेंके ये 10 वस्‍तुएं

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माता लक्ष्‍मी को धन-संपत्ति की देवी माना जाता है। हिन्‍दू धर्मशास्‍त्रों के मुताबिक माता लक्ष्‍मी का जन्‍म समुद्र के भीतर माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि मां लक्ष्‍मी का विवाह विष्‍णु भगवान के साथ हुआ है। लक्ष्‍मी मां की पूजा विधि-विधान के साथ करने से धन-संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। यदि माता लक्ष्‍मी किसी से गुस्‍सा हो जाएं, तो उसके घर गरीबी का वास होता है। इसलिए शास्‍त्रों में लक्ष्‍मी मां की पूजा के लिए विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

विष्‍णु भगवान को तुलसी पत्र काफी पसंद है। इसलिए आपने देखा होगा कि

हर शुभ कार्य या पूजा में तुलसी का प्रयोग अवश्‍य किया जाता है। धार्मिक शास्‍त्रों के अनुसार शालिग्राम के रूप में विष्‍णु जी का विवाह तुलसी जी के साथ हुआ था, इस वजह से तुलसी जी को लक्ष्‍मी मां की सौतन माना गया है। यही कारण है कि माता लक्ष्‍मी को जब भोग लगाया जाता है तो तब उसमें तुलसी पत्र या तुलसी मंजरी को नहीं रखते हैं। ऐसा करने से मां लक्ष्‍मी नाराज हो सकती हैं।

सफेद पुष्‍प व वस्‍त्र न चढ़ाएं

माता लक्ष्‍मी को सफेद रंग और वस्‍त्र भी पसंद नहीं हैं इसलिए उन्‍हें नहीं चढ़ाना चाहिए। मां लक्ष्‍मी सुहाग एवं सौभाग्‍य की देवी हैं, इसलिए उन्‍हें हमेशा लाल रंग का फुल, सिंदूर और वस्‍त्र चढ़ाना चाहिए। माता लक्ष्‍मी की पूजा करने से पहले भगवान गणेश की पूजा जरूर करनी चाहिए। भगवत पुराण के मुताबिक प्रथम पूजनीय गणेश वंदना के बिना लक्ष्‍मी जी का पूजन सफल नहीं होता।

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घर से बाहर कर दें ये 10 चीजें

घर में रखा टूटा कांच, दरार वाला शीशा, टूटा पलंग, टूटे-फूटे बर्तन, बंद पड़ी घड़ी, भगवान की खंडित मूर्ति, टूटा फर्नीचर, खराब तस्‍वीरें और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स का सामान, टूटा दरवाजा और बंद पड़ा पेन घर में नहीं रखना चाहिए। ये सभी चीजें आर्थिक नुकसान के साथ ही साथ परिजनों को मानसिक तनाव भी देते हैं।

इससे घर की उन्‍नति में बाधा उत्‍पन्‍न होती है। ये सभी वस्‍तुएं पति-पत्‍नी के वैवाहिक जीवन पर नकारात्‍मक असर डालती हैं। इस सभी चीजों को घर से बाहर करने से मां लक्ष्‍मी का घर में वास होता है।

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