स्‍वयं लक्ष्‍मी जी आएंगी आपके घर, बस करना होगा यह काम

maa laxmi

धन को हिंदू धर्म में लक्ष्‍मीजी से जोड़कर देखा जाता है मतलब जिससे माता लक्ष्‍मी खुश रहती हैं एसके जीवन में धन की कोई कमी नहीं रहती। चाणक्‍य के अनुसार जहां पर यह चीजें पाई जाती हैं वहां पर लक्ष्‍मी जी का वास होता है।

जैसे जहां पर मूर्खों का सम्‍मान न हो, अन्‍न के भंडार भरे हुए हों, पति और पत्‍नी के बीच कलह, विवाद की स्थिति न रहती हो वहां लक्ष्‍मी स्‍वयं चलकर आती है। ऐसे स्‍थान को लक्ष्‍मी सुख समृद्धि से पूर्ण कर देती है। इसका मतलब है कि मूर्खों का सम्‍मान होता है वहां कभी परेशानी और बीमारी नहीं आती। मूर्खों के स्‍थान पर गुणवान व्‍यक्ति का सम्‍मान करना चाहिए।

जहां अन्‍न के भंडार भरे हुए होते हैं वहां के लोग सुखी होते हैं। वहीं जिस घर में पति और पत्‍नी केबीच कलह रहती है वहां घर नरक बन जाता है। सुख समृद्धि इस घर से लौट जाती है। इसके साथ ही योग्‍यता होने पर भी उसका उपयोग होने पर भी उसका उपयोग नहीं होता है। घर में लक्ष्‍मी जी का भंडार भरा रहे इस‍के लिए जरुरी है कि घर का माहौल शांत और सुखमय रहे।

मां को प्रसन्‍न करने के लिए आप प्रतिदिन मां पर पीला फूल चढ़ाएं। मां जरूर आप पर धन की बारिश करेंगी। वैसे तो धन की प्राप्ति के लिए शुक्रवार का व्रत भी किया जा सकता लेकिन इसके नियमों को पूरी तरह से मानना होगा। शुक्रवार के दिन मां की आराधना करने से सभी की मनोकामना पूरी होती है।