व्यापार वृद्धि के लिए अपनाएं कुछ अचूक उपाय

some measures for business growth

व्यापार वृद्धि के लिए अपनाएं कुछ अचूक उपाय : अपने व्यवसाय को सफलता के शिखर तक ले जाना एक कड़ी चुनौती है। कभी कम बिक्री तो कभी कम मुनाफा और कभी कारोबार में अचानक घाटा जैसी वजहों से सभी परेशान हैं। इस प्रकार व्यापर में कोई न कोई समस्या हमेशा बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा आपके पूर्व जन्मों के शुभा-अशुभ कर्मों के कारण होता है। वर्तमान जन्म के कुछ दोषों, नजर दोष, वास्तु दोष या अन्य किसी दोष के कारण भी व्यवसाय में परेशानियां या व्‍यवधान आते हैं। यदि आपको भी व्यापार में कोई परेशानी आ

रही है तो आप निम्न में से कोई उपाय करके भी अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं…

  1. आपके व्यवसाय में किसी प्रकार की समस्या हो तो आप रविवार के दिन जब पुष्य नक्षत्र हो तब यह प्रयोग प्रारंभ करें। लकड़ी के एक पटे पर लाल कपडा रखें। उसके ऊपर तीन गोमती चक्र, काली मिर्च रखें फिर उड़द के कुछ दाने लेकर उनके ऊपर तेल का एक दिया रखें। दुकान पर गंगा जल का छिड़काव करें। फिर धुप दीप अगरबत्ती जलाते हुए मंत्र- भंवर वीर तू चेला मेरा, खोल दुकान कहा कर मेरा। उठे जो डंडी बिके जो माल, भंवर वीर सोखे नहीं जाय का एक माला जाप करें। इसके पश्चात् जब जाप पूरे हो जाएं त‍ब गोमती चक्र और काली मिर्च को दरवाजे के ऊपर बांध दें। फिर उड़द के दानो को दुकान में बिखेर दें। इसके अगले दिन इन उड़द के दानों को दुकान पर से उठाकर चौराहे पर डाल दें। इस प्रकार मंत्र का जाप प्रतिदिन करें और उड़द के दानों का प्रयोग केवल रविवार को करें। ऐसा 11 रविवार तक प्रयोग करने से आपका व्यापार प्रगति करने लगेगा।
  2. यदि आपके व्यापार में प्रगति नही हो रही है, संघर्ष हमेशा अधिक रहता है तो इसके लिए सर्वप्रथम काली तुलसी के पौधे की व्यवस्था करें। यदि यह पौधा कहीं आपके आसपास उपलब्ध है तो ठीक अन्यथा इसकी आप व्यवस्था करें फिर गमले में इसे रोप दें। जब काली तुलसी के आसपास खरपतवार उग आए तब शुक्ल पक्ष में अपनी राशी के अनुसार किसी सिद्धि योग का चयन कर उस दिन खरपतवार को लेकर किसी कपड़े में बांध दें। इसे धूप दीप दिखाएं  फिर गणेश जी के मन्त्र ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें। अब इसे अपनी तिजोरी में रख दें। अब इसे प्रतिदिन धूप दीप दिखाते रहने से आपका व्यवसाय बढ़ने लगेगा।
  3. अगर आप अकेले व्यापर करने में असमर्थ हैं और साझेदारी में बार-बार परेशानी आ रही हो तो होली या दीपावली की रात्रि में कच्चा सूत लेकर इसे रोली से रंग लें। अब माता लक्ष्मी की तस्वीर के आगे रखकर इसे धूप दीप दिखाकर प्रार्थना करें की हे, माते! मेरा कार्य व्यापर अच्छा चले और मुझे साझेदारी में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आए। ऐसी प्रार्थना कर सूत अपने पास रख लें। इसके प्रभाव से आपका व्यापर और साझेदारी अच्छी चलती रहती है।
  4. यदि आपके व्यापर में कोई प्रगति नही हो रही है तो आप इस प्रयोग को ग्रहण काल, होली या दीपावली की रात को संपन्न करें। इसके लिए पवित्र होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर फि‍र पटे या चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर काले तिलों की ढेरी बनाएं। उस पर तेल का एक दिया रखें फिर इसके सामने 11 लौंग, 11 इलायची, 11 काली मिर्च रखें। तेल के दिए में पांच गोमती चक्र डाल दें अब इसके पश्चात अपने ईष्‍ट देव से प्रार्थना करें कि मेरा व्यापार प्रगति करता रहे, यदि किसी ने बंधन किया है तो बंधन दूर हो जाए। इसके पश्चात इस पोटली को उठाकर चौराहे पर रख दें और बिना पीछे देखे घर आ जाएं। फिर हाथ पैर धो लें। ऐसा करने से भी आपका व्यापर प्रगति करने लगता है।
  5. आपके व्यापर पर किसी की बुरी नजर लग गई है या किसी ने कुछ तंत्र प्रयोग किया है तो आप शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल लाकर अपने दरवाजे के ऊपर लगा दें। इसके करने से भी आपके कार्य व्यापर में प्रगति होने  लगती है।