Tantra: चमत्‍कारी है यह पौधा, घर में लगाने से होती है धन वर्षा

sehdevi plant

धन प्राप्ति के लिए अक्सर लोग तरह-तरह के टोने टोटके आदि करते हैं। भारतीय तंत्र शास्त्र में धन को आकर्षित करने के कुछ ख़ास उपाय बताए गए हैं। तंत्र के अनुसार कुछ पेड़ पौधे ऐसे भी होते हैं जिनके कुछ उपाय आपकी हर मनोकामना को पूरी कर सकते हैं। अगर आप भी धनवान बनना चाहते हैं तो इस छोटे से पौधे का उपाय कर लाभ उठा सकते हैं।

तंत्र शास्त्र के अनुसार ‘सहदेवी का पौधा’ अथवा ‘सहदेई’ एक ऐसा ही चमत्कारी पौधा है। यह पौधा एक छोटा सा कोमल पौधा है जो 1 फुट से 3.30 फुट तक की ऊंचाई का होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह पौधा आसानी से मिल जाता है। अज्ञानवश लोग इसे साधारण घास-फूस की श्रेणी में मानते हैं लेकिन तंत्र दृष्टि से यह बहुत ही लाभदायक और अद्भुत गुणों से संपन्न अमूल्य वनस्पति है। तंत्र शास्त्र में इसे धन खींचने वाले पौधे के नाम से भी जाना जाता है।

सर्वप्रथम सहदेवी के पौधों को किसी रवि-पुष्य नक्षत्र, पूर्णिमा या अमावस्या जैसे शुभ अवसर पर अपने घर पर लेकर आए। यहां यह बात ध्यान रखने की है कि पूर्णिमा से 1 दिन पहले सूर्यास्त के समय सहदेवी के पौधे को निमंत्रण देकर आए और कहें कि कल प्रातः हम आपको लेने आएंगे। अगले दिन पूर्णिमा को सूर्योदय से पूर्व स्नान करके पौधे को गंगाजल से स्नान कराकर धीरे से उखाड़ कर घर ले आएं। घर में पंचामृत से स्नान कराकर विधिवत पूजन कर उस पौधे को सिद्ध करें।


आईये जानते यह पौधा आप सभी के जीवन कैसे और कितना उपयोगी है।

धन की वृद्धि

सहदेवी की जड़ को अभिमंत्रित करके एक लाल वस्त्र में लपेटकर घर की तिजोरी या व्यापार में रखने से धन की कभी कमी नहीं होती और लगातार बढ़ता जाता है।

अन्न में बरकत

रसोई घर या अनाज के भंडारण घर में यदि सहदेवी को जड़ से शुद्ध स्थान पर रखा जाए तो कभी अन्‍न की कमी नहीं होती ।

वास्तुदोष निवारण हेतु

यदि आपके घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष है, जिसके कारण आपके परिवार की प्रगति नहीं हो पा रही है तो घर के पूर्व या उत्तर दिशा में एक सहदेवी का पौधा लगाएं और उसकी नियमित धूप-दीप देकर पूजा करें। ऐसा करने से घर के वास्तुदोष का निवारण हो जाता है और घर में समृद्धि व खुशहाली आती है।

कोर्ट कचहरी विवाद

यदि आप कोई कोर्ट कचहरी या किसी अन्य विवाद में फंसे हो और फैसला आने वाला है  तो सहदेवी की सिद्ध की हुई जड़ को दाहिने हाथ में बांधे या जेब में धारण करके जाएं। निश्चित ही विजय मिलेगी।

सामाजिक सम्मान हेतु

अगर आप चाहते है कि समाज में आपका मान-सम्मान बढ़े तो सहदेवी के पौधे को पीसकर नित्य माथे पर तिलक लगायें व गणेश स्त्रोत का पाठ करें।

कण्ठमाला रोग

जो बच्चे कण्ठमाला के रोग से ग्रस्त है । वे सहदेवी की जड़ को अभिमंत्रित करके गले में धारण करे । ऐसा करने से उनके रोग का विनाश होता है।

सन्तान लाभ

सहदेवी का समूचा पौधा सुखाकर फिर उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को गाय के घी के साथ मासिकधर्म के पांच दिन पूर्व से और पांच दिन बाद तक स्त्री को नियमित रूप से सेवन करने से महिला को सन्तान की प्राप्ति होती है।

शत्रु वशीकरण

सहदेवी के पौधे को छाया में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें। इस आप अपने शत्रु को पान में डालकर खिला दें। वह व्यक्ति आपके वशीकरण पाश में बंद जाएगा।