Gandhi Jayanti: देश के इन मंदिरों में होती है बापू की पूजा

Mahatma-Gandhi-Temple-Interesting-Temples-In-India

2 अक्‍टूबर के दिन राष्‍ट्रप‍ि‍ता महात्‍मा गांधी का जन्‍म हुआ था, इसलिए इस दिन को हम गांधी जयंती के रूप में मनाते हैं। आज हम आपको देश में गांधी जी के स्‍थापित मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन मंदिरों में बापू की पूजा देवताओं की तरह होती है। तो आइए जानते हैं कि महात्‍मा गांधी के मंदिर कहां-कहां हैं और इनका निर्माण कब हुआ:

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी का जन्‍म 2 अक्‍टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। पोरबंदर के जिस घर में गांधी जी का जन्‍म हुआ उसे आज मंदिर जैसे संग्राहलय के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। इस मंदिर का नाम कीर्ति मंदिर है। साल भर यहां देश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं लेकिन 2 अक्‍टूबर के दिन यहां बहुत भीड़ होती है।

मोहनदास करमचंद गांधी का एक मंदिर ओडिशा के संबलपुर जिले के भटारा गांव में स्‍थापित किया गया है। इस मंदिर में बापू की तांबे से बनी 6 फीट ऊंची मूर्ति है। गर्भ गृह में रखी बापू की मूर्ति के ऊपर तिरंगा लहराता रहता है। दीवारों पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित अन्‍य महापुरुषों की तस्‍वीरें लगाई गई हैं। इस मंदिर का निर्माण गांधीवादी नेता अभिमन्‍यु ने किया है। इस मंदिर को गांव वालों के आपसी सहयोग से बनाया गया है।

कर्नाटक के मंगलुरु में श्रीब्रह्मा बैदरकला क्षेत्र गरोडी में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी का मंदिर है। इस मंदिर में बापू की दिन में तीन बार पूजा की जाती है। मंदिर में प्रत्‍येक वर्ष 2 अक्‍टूबर और 15 अगस्‍त को बापू की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। बापू का मंदिर बनाने से पहले वर्ष 1948 में अलग से श्राइन बोर्ड बनाया गया। वर्ष 2006 में मूर्ति को दोबारा तैयार किया गया। इस मंदिर का निर्माण लोगों की मांग पर किया गया था।