गर्भवती महिलाएं चार घंटे बरतें यह सावधानियां, ग्रहण से नहीं होगा कोई नुकसान

साल का पहला चंद्रग्रहण 10 जनवरी को लगने वाला है। आपको बता दें कि यह ग्रहण रात 10:37 बजे से शुरू होकर अगले दिन 2:42 बजे सुबह तक चलेगा। यानी चंद्र ग्रहण लगभग चार घंटे 5 मिनट तक रहने वाला है। इस बार का ग्रहण उपछाया चंद्रग्रहण माना जा रहा है जिसे शास्‍त्रों में ग्रहण के रूप में नहीं देखा गया है। मांद्य चंद्र ग्रहण होने से इस ग्रहण का सूतक नहीं रहेगा जिसकी वजह से ग्रहण काल में पूजापाठ आदि किए जा सकेंगे। ग्रहण को लेकर गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ नियम बताए जा रहे हैं जिनका पालन करके गर्भवती स्‍त्री का होने वाला शिशु स्‍वस्‍थ्‍य पैदा होता है।

घर के बाहर न जाएं

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान सलाह दी जाती है कि वह घर से बाहर न जाएं। माना जाता है कि गर्भवती महिला यदि ग्रहण देखलेती है तो उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्‍चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है। ग्रहण की वजह से शिशु लाल चिन्‍हों के साथ पैदा होता है। जन्‍म के बाद बच्‍चे के शरीर पर दाग के निशान पड़ जाते हैं इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण से दूर रखने की सलाह दी जाती है।

पैनी चीजों से रहे दूर

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को नुकीली चीजों जैसे चाकू, कैंची, सूई जैसी पैनी चीजों से दूर रहना चाहिए। माना जाता है कि इस नियम का पालन न करने पर होने वाले बच्‍चे के किसी भी अंग हो नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही ग्रहण के दौरान काम न करने की सलाह दी जाती है।

ग्रहण के पहले करें भोजन

गर्भवती महिलाओं के अलावा सभी को इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि ग्रहण के दौरान बना खाना खाने से बचना चाहिए। इस समय में पड़ने वाली हानिकारक किरणें खाने को दूषित कर देती हैं। ऐसे में यदि घर पर खाना बना हो तो उसमें तुरंत तुलसी के पत्‍ते डाल दें। ऐसा करने से ग्रहण के बाद भी खाना शुद्ध रहता है।

ग्रहण के बाद करें सफाई

माना जाता है कि ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई करनी चाहिए जिससे ग्रहण के नकारात्‍मक प्रभाव को कम किया जा सके। साथ ही गर्भवती महिलाओं को नहाना चाहिए। ग्रहण के नकारात्‍मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्‍ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्‍तुति का पाठ करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है।