स्‍वास्तिक च‍िन्‍ह है महत्‍वपूर्ण, US ने रखा इसपर एक शहर का नाम

swastik mark

किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले हिन्दू धर्म में स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर उसकी पूजा करने का महत्व है। मान्यता है कि ऐसा करने से कार्य सफल होता है। स्वास्तिक के चिन्ह को मंगल प्रतीक भी माना जाता है। धर्म वैज्ञानिक के अनुसार स्वास्तिक शब्द को सु और अस्ति का मिश्रण योग माना जाता है। यहां सु का अर्थ है शुभ और अस्ति से तात्पर्य है होना। अर्थात स्वास्तिक का मौलिक अर्थ है शुभ हो, कल्याण हो। सनातन परंपरा में विवाह, मुंडन, संतान के जन्म और पूजा पाठ के विशेष अवसरों पर स्वास्तिक का चिन्ह अवश्य ही बनता है।

स्वास्तिक की हर रेखा का है विशेष महत्व

स्वास्तिक में चार प्रकार की रेखाएं होती हैं, जिनका आकार एक समान होता है। आम लोगों का मानना है कि यह रेखाएं चार दिशाओं- पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण की ओर इशारा करती हैं। लेकिन हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह रेखाएं चार वेदों- ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद और सामवेद का प्रतीक हैं। कुछ यह भी मानते हैं कि यह चार रेखाएं सृष्टि के रचनाकार भगवान ब्रह्मा के चार सिरों को दर्शाती हैं। इसके अलावा इन चार रेखाओं की चार पुरुषार्थ, चार आश्रम, चार लोक और चार देवों यानी कि भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश (भगवान शिव) और गणेश से तुलना की गई है।

लाल रंग से क्यों बनाते हैं स्वास्तिक

भारतीय संस्कृति में लाल रंग का सर्वाधिक महत्व है और मांगलिक कार्यों में इसका प्रयोग सिन्दूर, रोली या कुमकुम के रूप में किया जाता है। लाल रंग शौर्य एवं विजय का प्रतीक है। लाल रंग प्रेम, रोमांच व साहस को भी दर्शाता है। धार्मिक महत्व के अलावा वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाल रंग को सही माना जाता है।

लाल रंग व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्तर को शीघ्र प्रभावित करता है। यह रंग शक्तिशाली व मौलिक है। हमारे सौर मण्डल में मौजूद ग्रहों में से एक मंगल ग्रह का रंग भी लाल है। यह एक ऐसा ग्रह है जिसे साहस, पराक्रम, बल व शक्ति के लिए जाना जाता है।

स्वास्तिक बनाते समय रखें शुद्धता का ध्यान

शरीर की बाहरी शुद्धि करके शुद्ध वस्त्रों को धारण करके ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हुए (जिस दिन स्वास्तिक बनाएं) पवित्र भावनाओं से नौ अंगुल का स्वास्तिक 90 डिग्री के एंगल में सभी भुजाओं को बराबर रखते हुए बनाएं।

केसर, कुमकुम, सिन्दूर और तेल के मिश्रण से अनामिका अंगुली से ब्रह्म मुहूर्त में विधिवत बनाने पर घर के वातावरण में कुछ समय के लिए अच्छा परिवर्तन महसूस किया जा सकता है। भवन या फ्लैट के मुख्य द्वार पर एवं हर रूम के द्वार पर अंकित करने से सकारात्मक ऊर्जाओं का आगमन होता है।

अमेरिका ने अपने शहर का नाम रखा स्‍वास्तिक

न्यूयॉर्क के एक छोटे से शहर का नाम स्वास्तिक है। पिछले दिनों लोगों ने शहर का नाम बदलने के लिए मतदान किया। इसका परिणाम आश्चर्यजनक रहा। एक भी वोट इस नाम के खिलाफ नहीं पड़ा और शहर का नाम स्वास्तिक ही रखने का फैसला किया गया। इसके पीछे लोगों ने तर्क दिया कि शहर को बसाने वाले उनके पूर्वजों ने इसका नाम संस्कृत के शब्द से लिया है। उन्होंने यह साफ किया कि इस नाम का नाजी के प्रतीक चिह्न स्वास्तिक से कोई लेना-देना नहीं है।