चैत्र नवरात्रि पर इस दिन बन रहा है विशेष योग, जानें नव ग्रहों की स्थिति

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धार्मिक दृष्टि से चैत्र नवरात्रि को अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास प्रारंभ हो चुका है। मान्‍यता है कि चैत्र नवरात्रि में विधि पूर्वक मां की उपासना करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि 13 अप्रैल मंगलवार को चैत्र मास की शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा की तिथि से नवरात्रि का पर्व आरंभ होगा और नवमी की तिथि 21 अप्रैल को पड़ेगी।

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नवरात्रि पर विशेष योग

चैत्र

नवरात्रि पर इस बार विशेष योग बन रहा है जोकि काफी शुभ और सिद्धि वाला होगा। इस बार नवरात्रि के प्रथम दिन ग्रहों के संयोग से कुछ विशेष योग का निर्माण हो रहा है। प्रतिपदा की तिथि में विष्‍कुंभ और प्रीति योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन विष्‍कुम्‍भ योग दोपहर बाद 3 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। उसके बाद प्रीति योग का आरंभ होगा। वहीं करण बव सुबह 10 बजकर 17 मिनट तक, बाद बालव रात 11 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

इन राशियों पर असर

नवरात्रि के पर्व पर चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेगा। इसके साथ ही सूर्य और बुध मीन राशि, राहु और मंगल वृषभ राशि, शुक्र मेष राशि, गुरू कुंभ राशि, शनिदेव मकर राशि और केतु वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे।

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पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल को घटस्‍थापना यानि कलश स्‍थापना की जाएगी। इस दिन सुबह 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में घटस्‍थापना करना शुभ होगा। घटस्‍थापना करने के लिए मिट्टी के पात्र में सात प्रकार के अनाज को मां दुर्गा का स्‍मरण करते हुए बोएं। इसके बाद इस पात्र के ऊपर कलश स्‍थापना करें। कलश में पानी भरें और कलावा बांधें। कलश के सिरे पर आम या अशोक के पत्‍ते रखें। इसके साथ नारियल पर कलावा बांधें। याद रहे कि नारियल पर लाल कपड़ा लपेटें। नारियल को कभी भी खाली न रखें।