माघ पूर्णिमा का दिन है बेहद खास, भूलकर भी न करें यह काम

magh purnima

माघ पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में बेहद खास माना गया है। इस वर्ष 27 फरवरी (शनिवार) को माघ पूर्णिमा है। माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्‍नान करने, दान और ध्‍यान करने से पुण्‍य फलों की प्राप्ति होती है।

माघ महीने की पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों और मुख्‍य रूप से गंगा नदी में स्‍नान करते हैं। इस दिन दान पुण्‍य और स्‍नान करने का विशेष महत्‍व है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ उदित होता है। पूर्णिमा के दिन कुछ ऐसे काम न

करें जिससे भविष्‍य में हमें किसी कठिनाई का सामना करना पड़े।

गंगा स्‍नान का है माघ पूर्णिमा पर ये महत्‍व

न करें तामसिक भोजन

इस दिन किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। जहां तक हो सके सात्विक भोजन का सेवन करें। तामसिक भोजन जैसे मांस, चिकन या मसालेदार भोजन, लहसुन और प्‍याज का सेवन न करें। इस दिन क्रोध करने से बचें।

बुराई और क्रोध करने से बचें

वैज्ञानिकों के अनुसार इस दिन चंद्रमा का प्रभाव काफी तेज होता है इन कारणों से शरीर के अंदर रक्‍त में न्‍यूरॉन सेल्‍स क्रियाशील हो जाते हैं और ऐसी स्थिति में इंसान ज्‍यादा उत्‍तेजित या भावुक रहता है। इस वर्ष माघ पूर्णिमा के दिन विशेष योग बन रहे हैं इसलिए बुराई और क्रोध करने से बचें।

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न करें शराब का सेवन

पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने प्रबल रूप में होता है इसलिए शराब पीने से बचें। इस दिन शराब का दिमाग पर बहुत गहरा असर होता है। इससे शरीर पर ही नहीं आपके भविष्‍य पर भी दुष्‍परिणाम हो सकते हैं। जिन्‍हें मंदाग्नि रोग होता है या जिनके पेट से संबंधित समस्‍या होती है वह लोग भोजन करने के बाद नशा जैसा महसूस करते हैं और नशे में न्‍यूरॉन सेल्‍स शिथिल हो जाते हैं, जिससे दिमाग का नियंत्रण शरीर पर कम भावनाओं पर अधिक होता है। ऐसे में नशा लेने से पूरी तरह से बचें।

अधिक पानी प‍िएं

जब पूर्णिमा आती है तो समुद्र में ज्‍वार भाटा उत्‍पन्‍न होता है क्‍योंकि चंद्रमा समुद्र के जल को ऊपर की ओर खींचता है। मानव के शरीर में भी 70 प्रतिशत जल है। पूर्णिमा के दिन इस जल की गति और गुण बदल जाते हैं। इस दिन काफी मात्रा में जल का सेवन करें।