पुष्‍य नक्षत्र में करें यह जरूरी काम, साथ ही बरतें कुछ सावधानियां भी

PUSHYA NAKSHATRA

पुष्‍य नक्षत्र के नाम पर एक माह पौष है। 24 घंटे के अंतगर्त आने वाले तीन मुहूर्तों में से एक 20वां मुहूर्त पुष्‍य भी है। आपको बता दें कि पुष्‍य नक्षत्र का संयोग जिस भी वार के साथ होता है उसे उस वार से कहा जाता है। जैसे- गुरुवार को आने पर गुरु-पुष्‍य, रविवार को रवि-पुष्‍य, शनिवार के दिन शनि-पुष्‍य और बुधवार के दिन आने पर बुध-पुष्‍य नक्षत्र कहा जाता है। गुरु-पुष्‍य और रवि-पुष्‍य योग सबसे बड़ा और शुभ माना जाता है।

आपको बता दें कि इस नक्षत्र में शिल्‍प, चित्रकला, पढ़ाई प्रारंभ करना उत्‍तम माना जाता है। इसमें मंदिर निर्माण, गृह निर्माण आदि का काम शुरू करना भी शुभ माना जाता है।

पुष्‍य नक्षत्र पर गुरु, शनि और चंद्र का प्रभाव होता है तो ऐेसे में स्‍वर्ण, लोह और चांदी की वस्‍तुएं खरीदी जा सकती हैं। इस दौरान की गई खरीदारी अक्षय रहेगी।

इस दिन धन का निवेश लंबी अवधि के लिए करने पर भविष्‍य में उसका अच्‍छा फल प्राप्‍त होता है। इस दिन महालक्ष्‍मी की साधना करने, पीपल या शमि के पेड़ की पूजा करने से उसका विशेष फल मिलता है।

गुरु-पुष्‍य या शनि-पुष्‍य योग के समय छोटे बालकों के उपनयन संस्‍कार और उसके बाद सबसे पहली बार विघ्‍या के लिए गुरुकुल भेजा जाता है। इस दिन बहीखातों की पूजा की जाती है। इस दिन से नए कार्यों की शुरूआत करें जैसे दुकान खोलना व व्‍यापार करना आदि।

बरतें यह सावधानियां

  • इस दिन विवाह नहीं करना चाहिए क्‍योंकि इस दिन ब्रह्माजी को श्राप मिला था इसलिए विवाह के लिए यह अशुभ माना जाता है।
  • इस दिन स्‍वर्ण तो खरीदा जा सकता है लेकिन उसे पहना नहीं जा सकता।
  • आपको बता दें कि बुधवार और शुक्रवार के दिन पड़ने वाले पुष्‍य नक्षत्र उत्‍पातकारी भी माने गए हैं। इस दिन कोई भी मंगलकार्य न करें और न ही वस्‍तु या वाहन खरीदें।