इस दिन है विनायक चतुर्थी, जानें क्‍या है शुभ मुहूर्त

vinayak chaturthi

हर माह के शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। मान्‍यता है कि भाद्रपद मास के शुक्‍ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी का जन्‍म हुआ था। हर माह की इस तिथि को गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है। भगवान गणेश भक्‍तों की भक्ति से प्रसन्‍न हो ज्ञान, समृद्धि औेर सौभाग्‍य का आशीर्वाद देते हैं। आपको बता दें कि पूजा करते समय उन्‍हें दूर्वा अर्पित करना चाहिए इसके साथ ही उन्‍हें मोदक का भोग लगाएं।

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मान्‍यता के अनुसार देवी पार्वती ने अपनी

दिव्‍य शक्तियों के साथ चंदन के लेप का इस्‍तेमाल कर एक मूर्ति बनाई और उसमें प्राण डालें। इस मूर्ति से जो बालक जन्‍मा उसने माता पार्वती को अपनी मां कहा। देवी पार्वती को पुत्र होने की खुशी थी। इस दिन गणेश जी की पूजा करना बेहद शुभ फल देने वाला होता है। शास्‍त्रों के अनुसार इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। गणेश चतुर्थी पर जो व्‍यक्ति चंद्रमा को देखता है वह मिथ्‍या दोशम या मिथ्‍या कलंक बनाता है।

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विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त

फाल्‍गुन मास, शुक्‍ल पक्ष, चतुर्थी तिथि

चतुर्थी तिथि प्रारंभ : 16 मार्च, मंगलवार, रात 8 बजकर 58 मिनट त‍क

चतुर्थी तिथि समाप्‍त : 17 मार्च, बुधवार, रात 11 बजकर 28 मिनट पर

पूजा मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 17 मिनट से दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक

अवधि : 2 घंटे 24 मिनट